Description
“मैंने गांधी को क्यों मारा?” भारतीय इतिहास के सबसे विवादास्पद और संवेदनशील विषयों में से एक पर केंद्रित एक गंभीर विचारात्मक पुस्तक है। यह रचना महात्मा गांधी की हत्या के पीछे प्रस्तुत किए गए तर्कों, उस समय के सामाजिक-राजनीतिक माहौल, और विचारधारात्मक टकरावों को ऐतिहासिक संदर्भ में समझाने का प्रयास करती है।
यह पुस्तक पाठकों को केवल एक घटना नहीं, बल्कि उस दौर की मानसिकता, विभाजन के बाद का भारत, राजनीतिक असंतोष, और विचारधाराओं के टकराव को गहराई से समझने का अवसर देती है। इसमें यह दिखाया गया है कि कैसे अलग-अलग विचारधाराएँ राष्ट्र निर्माण, धर्म, राजनीति और नैतिकता को अलग-अलग दृष्टिकोण से देखती थीं।
पुस्तक का उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा को सही ठहराना नहीं है, बल्कि इतिहास को समझने, प्रश्न करने और आलोचनात्मक सोच विकसित करने में सहायता करना है। यह छात्रों, इतिहास में रुचि रखने वाले पाठकों और सामाजिक-राजनीतिक अध्ययन करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री साबित हो सकती है।





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